Author: krushikaneetu@gmail.com

  • चैत्र नवरात्रि 2026 पर बना दुर्लभ चतुर्ग्रही योग, इन राशियों की चमकेगी किस्मत

    चैत्र नवरात्रि 2026 पर बना दुर्लभ चतुर्ग्रही योग, इन राशियों की चमकेगी किस्मत

    नई दिल्ली: चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत के साथ ही इस बार एक बेहद खास और दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बना है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मीन राशि में चंद्रमा, शनि, सूर्य और शुक्र एक साथ आकर चतुर्ग्रही योग बना रहे हैं, जिसे बहुत शुभ माना जाता है।

    बताया जा रहा है कि ऐसा संयोग करीब 500 साल बाद बन रहा है और इसका प्रभाव 20 मार्च तक रहेगा।

    🔮 क्या होता है चतुर्ग्रही योग?

    जब एक ही राशि में चार ग्रह एक साथ आ जाते हैं, तो उसे चतुर्ग्रही योग कहा जाता है। ज्योतिष में इसे धन, सफलता और तरक्की का संकेत माना जाता है।


    🌟 इन राशियों के लिए रहेगा सबसे ज्यादा शुभ

    ♈ मेष राशि

    मेष राशि वालों के लिए यह योग काफी लाभकारी साबित हो सकता है। अचानक धन लाभ के योग बनेंगे। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और नौकरी बदलने या विदेश जाने के लिए भी समय अनुकूल रहेगा।

    ♊ मिथुन राशि

    मिथुन राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है।

    ♎ तुला राशि

    तुला राशि वालों को करियर में तरक्की, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता और कामकाज में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

    ♐ धनु राशि

    धनु राशि के लोगों के लिए यह समय पारिवारिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने का है, लेकिन सही फैसलों से लाभ मिलने के योग हैं।


    📅 क्यों खास है ये नवरात्रि?

    • 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि की शुरुआत
    • दुर्लभ ग्रहों का संयोग
    • धन, करियर और भाग्य पर सकारात्मक असर

    यह नवरात्रि सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


    🧾 निष्कर्ष

    चैत्र नवरात्रि 2026 में बना चतुर्ग्रही योग कई राशियों के लिए नए अवसर, धन लाभ और सफलता लेकर आ सकता है। खासकर मेष, मिथुन, तुला और धनु राशि वालों के लिए यह समय काफी शुभ माना जा रहा है।

  • G7 लीडर्स से बातचीत में ट्रंप का दावा—ईरान जल्द सरेंडर करने वाला है

    G7 लीडर्स से बातचीत में ट्रंप का दावा—ईरान जल्द सरेंडर करने वाला है

    सीएनएन की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ट्रंप प्रशासन ने ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ बंद करने की संभावना को कम आंका था.

    वॉशिंगटन: डॉनल्ड ट्रंप ने बुधवार (स्थानीय समय) को ग्रुप ऑफ सेवन देशों के नेताओं के साथ फोन पर हुई बातचीत में कहा कि ईरान जल्द ही सरेंडर करने वाला है. यह जानकारी एक्सियोस ने तीन G7 देशों के अधिकारियों के हवाले से दी है, जो इस कॉल में शामिल थे.

    यह कॉल उस समय हुई जब ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने बदला लेने की कसम खाई और नागरिकों से अमेरिका और इज़रायल के हमलों के खिलाफ लड़ाई जारी रखने की अपील की. एक्सियोस की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप युद्ध के नतीजे को लेकर निजी तौर पर भी उतने ही आत्मविश्वास से भरे हैं जितना कि सार्वजनिक तौर पर दिखते हैं.

    अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष अब कई दिनों से सुर्खियों में बना हुआ है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रुप ऑफ सेवन (G7) देशों के नेताओं के साथ हुई बातचीत में दावा किया है कि ईरान जल्द ही आत्मसमर्पण करने वाला है। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए सामने आई है, जिसमें कहा गया है कि ट्रंप ने फोन कॉल के दौरान यह विश्वास जताया कि युद्ध का परिणाम अमेरिका के पक्ष में जाएगा।

    रिपोर्ट के अनुसार, यह बातचीत बुधवार को हुई थी, जिसमें G7 देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। ट्रंप ने इस कॉल में कहा कि अमेरिका की सैन्य और रणनीतिक कार्रवाई के कारण ईरान की स्थिति कमजोर हो रही है और वह जल्द ही झुकने के लिए मजबूर होगा। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस बातचीत के सभी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, लेकिन कॉल में शामिल तीन देशों के अधिकारियों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है।

    ट्रंप ने सार्वजनिक मंचों के साथ-साथ अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर भी ईरान के खिलाफ सख्त रुख जाहिर किया। उन्होंने एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका ईरान के आतंकवादी शासन को सैन्य, आर्थिक और अन्य सभी तरीकों से कमजोर कर रहा है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचाया गया है, जबकि उनकी मिसाइल और ड्रोन क्षमता को भी काफी हद तक खत्म कर दिया गया है।

    ट्रंप ने अपने पोस्ट में यह भी कहा कि अमेरिका के पास मजबूत सैन्य क्षमता, पर्याप्त हथियार और लंबा समय है, जिससे वह इस संघर्ष में निर्णायक जीत हासिल कर सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ईरान पिछले कई दशकों से दुनिया भर में हिंसा और आतंक को बढ़ावा देता रहा है और अब अमेरिका उस पर कड़ा जवाब दे रहा है।

    दूसरी तरफ ईरान ने भी अमेरिका और उसके सहयोगियों को चेतावनी दी है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसने अपने सैन्य अभियान के नए चरण की शुरुआत कर दी है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस अभियान के तहत इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्रों और पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान ने दावा किया कि उसके हमलों में उन्नत मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया है, जिनमें भारी वारहेड लगाए गए थे।

    ईरान के सैन्य कमांडरों ने कहा है कि उनकी सेनाएं दुश्मनों के खिलाफ “आखिरी सांस तक” लड़ने के लिए तैयार हैं और देश की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। उनका कहना है कि अगर अमेरिका या उसके सहयोगी हमले जारी रखते हैं, तो उन्हें इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्ष सिर्फ सैन्य मोर्चे तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। खासकर मध्य पूर्व के महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों, जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य, को लेकर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। यदि इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है, तो दुनिया भर में तेल आपूर्ति और व्यापार पर भी असर पड़ सकता है।

    फिलहाल दोनों पक्ष अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि तनाव कम होने के संकेत अभी नजर नहीं आ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस संकट को लेकर चिंतित है और कई देश दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहे हैं।

  • सरेंडर करने वाला है ईरान, डोनाल्ड ट्रंप ने G7 कॉल में किया दावा, ईरान का आया जवाब

    सरेंडर करने वाला है ईरान, डोनाल्ड ट्रंप ने G7 कॉल में किया दावा, ईरान का आया जवाब

    ऑपरेशन शुरू होने से पहले हुई कुछ प्लानिंग बैठकों में अमेरिकी ऊर्जा विभाग और वित्त विभाग के अधिकारी मौजूद थे, लेकिन सीएनएन सूत्रों ने बताया कि युद्ध लंबा चलने पर खर्च का अनुमान और सभी एजेंसियों का समन्वय चर्चाओं का मुख्य बिंदु नहीं थे एक्सियोस की रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार (स्थानीय समय) को एक कॉल पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ग्रुप ऑफ सेवन (जी7) देशों से कहा कि ईरान आत्मसमर्पण करने ही वाला है. रिपोर्ट में कॉल पर मौजूद तीन जी7 देशों के अधिकारियों का हवाला दिया गया है. यह कॉल ईरान के नये सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई के बदला लेने और नागरिकों से अमेरिका और इजरायल के हमलों के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का आग्रह करने से पहले हुई.

    एक्सियोस की रिपोर्ट में कहा गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप निजी तौर पर भी युद्ध के परिणाम को लेकर उतने ही आश्वस्त हैं, जितने सार्वजनिक रूप से. हालांकि, ट्रंप ने ईरान के इस्लामी शासन के खिलाफ अपने अभियान में पूरी ताकत लगाने के अमेरिकी इरादे का संकेत दिया, ईरान को सतर्क रहने की चेतावनी दी और कहा कि रिपोर्टों में जो भी दावा किया गया हो, मगर अमेरिका इस युद्ध को जीत रहा है.

    ट्रुथ सोशल पर भी किए दावे

    ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, “हम ईरान के आतंकवादी शासन को सैन्य, आर्थिक और अन्य हर तरह से पूरी तरह से नष्ट कर रहे हैं, फिर भी, अगर आप न्यूयॉर्क टाइम्स जैसे घटिया अखबार पढ़ेंगे, तो आपको गलतफहमी होगी कि हम जीत नहीं रहे हैं. ईरान की नौसेना खत्म हो चुकी है, उनकी वायु सेना अब अस्तित्वहीन है, मिसाइलें, ड्रोन और बाकी सब कुछ नष्ट किया जा रहा है और उनके नेता धरती से मिटा दिए गए हैं. हमारे पास बेजोड़ मारक क्षमता, असीमित गोला-बारूद और पर्याप्त समय है – देखिए आज इन विक्षिप्त बदमाशों का क्या होता है. वे 47 वर्षों से पूरी दुनिया में निर्दोष लोगों को मार रहे हैं, और अब मैं, संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में, उन्हें मार रहा हूं. ऐसा करना मेरे लिए कितना बड़ा सम्मान है.”

    इस बीच, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने अपने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के 44वें चरण की शुरुआत कर दी है, जिसमें इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और पश्चिम एशिया में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया गया है. 

    ईरान ने फिर धमकाया

    आईआरजीसी ने कहा कि अभियान की शुरुआत एक टन वजनी वारहेड ले जाने वाली खैबर शेकान मिसाइलों की भारी बौछार से हुई, जिसने फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इजरायली सैन्य ठिकानों, तेल अवीव, इलात और पश्चिमी अल-कुद्स सहित कई रणनीतिक स्थानों को निशाना बनाया. ईरान के खातम अल अनबिया मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही ने एक बयान में कहा कि ईरानी सशस्त्र बल दुश्मनों के खिलाफ “आखिरी सांस तक” डटे रहेंगे. उन्होंने आगे कहा कि दुश्मन को “अपने अपराधों की कीमत चुकानी पड़ेगी.”

    होर्मुज पर क्या गच्चा खा गया अमेरिका

    इससे पहले, सीएनएन की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने कथित तौर पर इस संभावना को कम करके आंका था कि ईरान अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देगा. सीएनएन सूत्रों ने खुलासा किया कि चल रहे सैन्य अभियान की योजना बनाते समय, पेंटागन और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने पूरी तरह से यह अनुमान नहीं लगाया था कि ईरान जलमार्ग को बंद करने का प्रयास करेगा, हालांकि अमेरिकी सेना ने इस तरह की सिचुएशन के लिए लंबे समय से इमरजेंसी प्लान बना रखे थे.

    ऑपरेशन शुरू होने से पहले हुई कुछ प्लानिंग बैठकों में अमेरिकी ऊर्जा विभाग और वित्त विभाग के अधिकारी मौजूद थे, लेकिन सीएनएन सूत्रों ने बताया कि युद्ध लंबा चलने पर खर्च का अनुमान और सभी एजेंसियों का समन्वय चर्चाओं का मुख्य बिंदु नहीं थे. अब युद्ध 13वें दिन में प्रवेश कर चुका है और दोनों में से कोई भी पक्ष पीछे हटने का संकेत नहीं दे रहा है.

  • LPG Crisis LIVE: गैस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं, लोकसभा में बोले हरदीप सिंह पुरी

    LPG Crisis LIVE: गैस को लेकर घबराने की जरूरत नहीं, लोकसभा में बोले हरदीप सिंह पुरी

    नई दिल्ली: देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि देश में रसोई गैस (LPG) की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है।

    लोकसभा में बोलते हुए पुरी ने कहा कि सरकार लगातार एलपीजी की उपलब्धता पर नजर रखे हुए है और किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं है। उन्होंने विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए बताया कि देश में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और वितरण प्रणाली भी सुचारू रूप से काम कर रही है।

    मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ जगहों पर अफवाहों के कारण लोगों में घबराहट का माहौल बना, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे अलग है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य तरीके से ही गैस सिलेंडर की बुकिंग करें।

    सरकार के अनुसार, देशभर में एलपीजी की सप्लाई को मजबूत बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।

  • शहर में 25 दिन, गांव में 45 दिन में मिलेगा सिलेंडर — मिट्टी के तेल की भी वापसी, सरकार का बड़ा ऐलान

    शहर में 25 दिन, गांव में 45 दिन में मिलेगा सिलेंडर — मिट्टी के तेल की भी वापसी, सरकार का बड़ा ऐलान

    सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब शहरों में एलपीजी गैस सिलेंडर की सप्लाई हर 25 दिन में और गांवों में 45 दिन के अंदर सुनिश्चित की जाएगी। इससे गैस की किल्लत झेल रहे लाखों उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

    इसके साथ ही सरकार ने मिट्टी के तेल (केरोसिन) की आपूर्ति को भी दोबारा शुरू करने का ऐलान किया है। लंबे समय से कई राज्यों में केरोसिन की सप्लाई बंद या बहुत कम कर दी गई थी, जिससे गरीब और ग्रामीण परिवारों को परेशानी हो रही थी।

    सरकार का कहना है कि इस फैसले का मकसद गरीब और ग्रामीण परिवारों को सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद गैस और केरोसिन की उपलब्धता बेहतर होगी और लोगों को बार-बार होने वाली दिक्कतों से राहत मिलेगी।

    अधिकारियों के अनुसार, इस योजना को जल्द ही लागू किया जाएगा और इसके लिए जरूरी दिशानिर्देश भी जारी किए जा रहे हैं।